अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़े समझौते पर तय समय सीमा में सहमति नहीं देता, तो उसके अहम ढांचों—जैसे बिजली संयंत्र और पुल—को निशाना बनाया जा सकता है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान में हाल ही में हुए हवाई हमलों में दो पुलों और एक रेलवे स्टेशन को नुकसान पहुंचा है। हालात को देखते हुए ईरानी अधिकारियों ने युवाओं से महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए मानव श्रृंखला बनाने की अपील की है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पूरी तरह बहाल नहीं होती, तो इसके गंभीर वैश्विक परिणाम हो सकते हैं।
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने दावा किया कि करीब 1.4 करोड़ लोग स्वेच्छा से देश की रक्षा के लिए आगे आए हैं। इस बीच, इज़राइल द्वारा ईरान की आर्थिक क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से हमले तेज कर दिए गए हैं। पश्चिमी प्रांत लोरेस्टान के खोरमाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हवाई हमले की खबर है।
इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और सऊदी अरब की ओर फायरिंग की, जिससे एक प्रमुख पुल को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है, लेकिन ईरान ने अमेरिका के नए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस ने कहा कि बातचीत के रास्ते खुले हैं, लेकिन अब निर्णय ईरान को लेना है।
