अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिका आने वाले कुछ हफ्तों में ईरान पर बड़ा हमला कर सकता है और उसे “पाषाण युग” तक पहुंचा देगा।
ट्रंप ने इससे पहले भी इसी तरह की धमकी दी थी, लेकिन इस बार उन्होंने अपने बयान को और ज्यादा आक्रामक अंदाज में दोहराया। भारतीय समय के अनुसार गुरुवार सुबह व्हाइट हाउस में दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अगले 2 से 3 हफ्तों के भीतर ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका जल्द ही इस युद्ध से बाहर निकल जाएगा, लेकिन उससे पहले अपने सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल कर लेगा। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह संघर्ष 4 से 6 हफ्तों के भीतर खत्म हो सकता है और अब उसका मकसद पूरा होने के काफी करीब है।
🔥 तेल और शेयर बाजार पर असर
ट्रंप के इस बयान का असर तुरंत ग्लोबल मार्केट पर देखने को मिला। तेल की कीमतों में तेजी आई और एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई।
भारत में भी इसका असर दिखा—
BSE करीब 1400 अंक गिरा
NSE में लगभग 450 अंकों की गिरावट आई
एशिया के अन्य बाजारों में भी दबाव देखने को मिला—
जापान का निक्केई लगभग 1.5% गिरा
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.6% नीचे आया
हांगकांग का हैंग सेंग करीब 1% गिरा
🌍 अमेरिका का ऑपरेशन “Epic Fury”
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को “Epic Fury” नाम दिया है।
उन्होंने कहा कि यह कदम सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए जरूरी है। ट्रंप के मुताबिक पिछले 47 सालों में ईरान और उसके सहयोगी कई हमलों और गतिविधियों में शामिल रहे हैं, जिससे वैश्विक सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ।
उन्होंने ईरान की सरकार को “हत्यारी” बताते हुए वहां हुए विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई का भी जिक्र किया।
🤝 सहयोगी देशों का जिक्र
अपने भाषण में ट्रंप ने इसराइल और मध्य पूर्व के कई देशों का धन्यवाद किया—
सऊदी अरब
बहरीन
कतर
कुवैत
UAE
उन्होंने कहा कि इन देशों के सहयोग से अमेरिका अपनी रणनीति को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
⚠️ निवेशकों की चिंता क्यों बढ़ी?
हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अब पहले से ज्यादा सुरक्षित और मजबूत होगा, लेकिन निवेशकों की चिंता अभी भी बनी हुई है।
सबसे बड़ी वजह यह है कि उनके भाषण में युद्ध खत्म होने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला। इससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
🌏 एशिया पर सबसे ज्यादा असर
एशियाई देश इस पूरे संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि—
भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश ऊर्जा के लिए मध्य पूर्व पर काफी निर्भर हैं।
ऐसे में अगर युद्ध बढ़ता है या तेल सप्लाई प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर इन देशों की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ेगा।
👉 निष्कर्ष:
ट्रंप का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और एशियाई देशों की स्थिरता पर पड़ सकता है। आने वाले कुछ हफ्ते इस पूरे मामले में बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
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