🏗️ PRISM-SG पोर्टल: भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की नई दिशा
भारत में बुनियादी ढांचे को तेज गति देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल शुरू की है। रोड ओवर ब्रिज (ROBs) के निर्माण में उपयोग होने वाले स्टील गर्डर की स्वीकृति और निरीक्षण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए PRISM-SG पोर्टल लॉन्च किया गया है।
इस आधुनिक प्लेटफॉर्म का उद्घाटन 25 मार्च 2026 को नई दिल्ली में किया गया।
🔍 PRISM-SG क्या है?
PRISM-SG (Portal for Rail-Road Inspection & Stages Management – Steel Girders) एक एडवांस डिजिटल सिस्टम है, जिसे खास तौर पर उन प्रोजेक्ट्स के लिए तैयार किया गया है जहाँ सड़क और रेलवे का इंटरसेक्शन होता है।
इन परियोजनाओं में उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्टील गर्डर का उपयोग किया जाता है, इसलिए यह पोर्टल पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाता है।
🎯 मुख्य उद्देश्य
इस पोर्टल का मुख्य लक्ष्य अलग-अलग विभागों और एजेंसियों के बीच तालमेल की समस्याओं को खत्म करना है। इसके जरिए सरकार निम्न लक्ष्य हासिल करना चाहती है:
प्रक्रिया को आसान बनाना: कागजी काम और फाइल मूवमेंट में होने वाली देरी को समाप्त करना
बेहतर सुरक्षा: डिजिटल निरीक्षण के माध्यम से पुलों की मजबूती और गुणवत्ता सुनिश्चित करना
पारदर्शिता बढ़ाना: हर स्टेज पर जिम्मेदारी तय करना और प्रक्रिया को स्पष्ट बनाना
⚙️ प्रमुख विशेषताएं
📌 डिजिटल क्वालिटी एश्योरेंस (QAP)
अब ठेकेदार और निर्माता अपनी क्वालिटी एश्योरेंस प्लान और वेल्डिंग से जुड़ा डेटा ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। रेलवे अधिकारी उसी प्लेटफॉर्म पर इसे जांच कर फीडबैक देंगे।
📊 रियल-टाइम मॉनिटरिंग
एक यूनिफाइड डैशबोर्ड के माध्यम से सभी संबंधित लोग प्रोजेक्ट की प्रगति और लंबित अनुमोदनों की स्थिति तुरंत देख सकते हैं।
🛠️ ऑटोमेटेड इंस्पेक्शन सिस्टम
निरीक्षण की तारीखें ऑनलाइन तय होंगी और निरीक्षण रिपोर्ट, फोटो और टेस्ट रिजल्ट सीधे पोर्टल पर अपलोड किए जा सकेंगे।
🗂️ डिजिटल रिकॉर्ड (Audit Trail)
हर निरीक्षण और निर्णय का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जो भविष्य में ऑडिट और रेफरेंस के लिए उपयोगी होगा।
🔗 RRCAS के साथ इंटीग्रेशन
यह पोर्टल पहले से मौजूद Rail-Road Crossing Approval System (RRCAS) के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी।
📈 आर्थिक और प्रशासनिक फायदे
समय की बचत: जहां पहले अनुमोदन में लगभग 1 साल लगता था, अब यह काम सिर्फ 100 दिनों में पूरा हो सकेगा (लगभग 70% कमी)
लागत में कमी: समय पर प्रोजेक्ट पूरा होने से अतिरिक्त खर्च और देरी से बचाव होगा
भ्रष्टाचार पर नियंत्रण: डिजिटल सिस्टम और कम मानवीय हस्तक्षेप से पारदर्शिता बढ़ेगी
🔥 निष्कर्ष
PRISM-SG पोर्टल भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक बड़ा डिजिटल बदलाव है। इससे न सिर्फ परियोजनाओं की गति बढ़ेगी बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और लागत नियंत्रण में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
