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देश में पांच किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री तेजी से बढ़ाई गई है, ताकि आम लोगों को आसानी से रसोई गैस मिल सके। अब ये सिलेंडर एलपीजी वितरकों के काउंटर पर वैध पहचान पत्र दिखाकर लिए जा सकते हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, बढ़ती मांग को देखते हुए आपूर्ति बढ़ाई गई है और 23 मार्च से अब तक करीब 6 लाख 60 हजार छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।

इन सिलेंडरों की कीमत बाजार के अनुसार तय की गई है और इन्हें खरीदने के लिए किसी पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं है, जिससे अस्थायी या जरूरतमंद उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि देशभर में कहीं भी एलपीजी की कमी नहीं है। हाल ही में एक ही दिन में 51 लाख से ज्यादा घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति की गई और कुल मांग का लगभग 95 प्रतिशत ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरा किया गया।

सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति को पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध बताया है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अनावश्यक खरीदारी न करें।

इसके साथ ही सरकार पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस (PNG) की पहुंच भी बढ़ा रही है। फिलहाल करीब 3 लाख 60 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन हैं और लगभग 3 लाख 90 हजार नए आवेदन दर्ज किए गए हैं। ईंधन के वैकल्पिक साधनों को अपनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। तेल रिफाइनरियां अधिक क्षमता के साथ काम कर रही हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन में भी बढ़ोतरी की गई है। राज्यों को अतिरिक्त केरोसीन का आवंटन भी किया गया है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती करते हुए सरकार ने अब तक 50 हजार एलपीजी सिलेंडर जब्त किए हैं, 1,400 से ज्यादा नोटिस जारी किए गए हैं और 36 वितरकों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लगातार निगरानी रखने और अफवाहों से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।

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